अडानी ग्रुप ने ड्रग बरामदी के बाद पाक, ईरान और अफगानिस्तान से आने वाले कार्गो की खेप पर लगाई रोक।

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पिछले दिनों अडानी समूह द्वारा संचालित किए जा रहे गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से करीब 2,988 किलो हेरोइन जब्त की गई थी। इसकी कीमत करीब 21 हजार करोड़ रुपए आंकी गई थी। एनआईए ने कहा था कि इसे अफगानिस्तान से ईरान के बांदर अब्बास पोर्ट के जरिए भारत में भेजा गया। मुंद्रा पोर्ट्स से ड्रग्स की बरामदगी के बाद अडानी ग्रुप ने पाकिस्तान, ईरान और अफगानिस्तान से आने वाले कार्गो के आयात-निर्यात पर रोक लगा दी है।

ऑफिशल बयान में दी ये जानकारी

सोमवार को अडानी ग्रुप के द्वारा जारी बयान में कहा गया कि अडानी पोर्ट्स (APSEZ) 15 नवंबर से ईरान, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आने कंटेनर कार्गो का आयात निर्यात नहीं करेगा।

बयान में यह भी कहा गया कि यह नियम अडानी पोर्ट्स द्वारा संचालित किए जा रहे सभी टर्मिनल और अडानी पोर्ट्स पर मौजूद किसी थर्ड पार्टी के टर्मिनल पर भी अगले आदेश तक लागू रहेगा।

अडानी ग्रुप की तरफ से यह नियम पिछले दिनों मुंद्रा पोर्ट से भारी मात्रा में जब्त किए गए ड्रग्स के बाद जारी किया गया है।

3000 किलो हेरोइन का मामला है शक पर

गौरतलब है कि पिछले 16 सितंबर को केंद्र सरकार की एजेंसी राजस्व खुफिया निदेशालय ने अडानी समूह द्वारा चलाए जा रहे मुंद्रा पोर्ट से टेल्कम पाउडर के नाम से आयात किए जा रहे करीब 2,988 किलो हेरोइन को पकड़ा था।

ड्रग्स आयात करने के मामले में एजेंसी ने मचावरम सुधाकरन, दुर्गा पीवी गोविंदराजू, राजकुमार पी सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया।

बाद में 6 अक्टूबर को इस मामले को राजस्व खुफिया निदेशालय ने एनआईए को सौंप दिया। जिसके बाद एनआईए ने पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ आईपीसी और एनडीपीएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।

अब तक ड्रग्स आयात करने के मामले में 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बीते शनिवार को ड्रग्स की खेप जब्त किए जाने के मामले में देशभर में कई जगहों पर छापेमारी की गई।

मुंद्रा पोर्ट्स से भारी मात्रा में ड्रग्स जब्त किए जाने के बाद अडानी ग्रुप को चौतरफा आलोचनाओं का सामना करना पड़ा।

आलोचनाओं से घिरने के बाद अडानी ग्रुप ने इसको लेकर एक बयान जारी किया। बयान में उन्होंने कहा कि देश भर में कोई भी पोर्ट ऑपरेटर कंटेनर की जांच नहीं कर सकता है। उनका काम सिर्फ पोर्ट चलाने तक ही सीमित है।

अडानी पोर्ट्स एक पोर्ट ऑपरेटर है जो शिपिंग लाइनों को सेवाएं प्रदान करता है। हमारे पास पोर्ट्स से गुजरने वाले लाखो कंटेनर को जांचने का कोई कोई पुलिसिया अधिकार नहीं है।

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