बहन को पढ़ाने के लिए भाई बेचने लगा कपड़े, बहन आखिर बन गयी जज। अंजुम ने कर दिया खानदान का नाम रोशन।

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कोई भी शख्स मेहनत करे तो वो एक न एक दिन कामयाब जरूर हो जाते है। इस कड़ी में आज हम आपको मुरादाबाद में तैनात सिविल जज अंजुम सैफी के संघर्षों की कहानी भी बताने जा रहे है। यूपी के मुजफ्फरनगर जिले की अंजुम सैफी ने देश में 152 वी रेंक हासिल की।

बचपन में ही उठ गया था पिता का साया

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इसको लेकर PCS-J का एजगम भी क्रेक कर लिया है। जब अंजुम सैफी ने 4 साल की थी जब उनके पिता को बद’माशो द्वारा गो’ली मार’कर ह’त्या कर दी गई थी।

अंजूम 7 भाई बहनों में 6 वे नम्बर पर है। अपने पिता की मौ’त होने के बाद उनके भइयो ने अंजु’म का स’पोर्ट भी किया है ।

बता दे कि मुज’फ्फरनगर में सितम्बर 2013 में जब वह पर दं’गे हो रहे थे उसी वक्त भी अंजु’म कोचिं’ग जाती थी।

दंगों के माहौल में अंजुम ने की कड़ी मेहनत

कोई भी शख्स मेहनत करे तो वो एक न एक दिन कामयाब जरूर हो जाते है। इस कड़ी में आज हम आपको मुरादाबाद में तैनात सिविल जज अंजुम सैफी के संघर्षों की कहानी भी बताने जा रहे है। यूपी के मुजफ्फरनगर जिले की अंजुम सैफी ने देश में 152 वी रेंक हासिल की।  बचपन में ही उठ गया था पिता का साया  इसको लेकर PCS-J का एजगम भी क्रेक कर लिया है। जब अंजुम सैफी ने 4 साल की थी जब उनके पिता को बद’माशो द्वारा गो’ली मार’कर ह’त्या कर दी गई थी।  अंजूम 7 भाई बहनों में 6 वे नम्बर पर है। अपने पिता की मौ’त होने के बाद उनके भइयो ने अंजु’म का स’पोर्ट भी किया है ।  बता दे कि मुज’फ्फरनगर में सितम्बर 2013 में जब वह पर दं’गे हो रहे थे उसी वक्त भी अंजु’म कोचिं’ग जाती थी।  दंगों के माहौल में अंजुम ने की कड़ी मेहनत  अंजुम के भाई दिलशाद बताते है कि कई लोगो ने उनसे यह भी कहा कि यहां पर दंगे हो रहे है अंजुम जहां पर जाती है वह सब हिन्दू टीचर हैं, जो बेहद अच्छे हैं और इसकी वजह से अंजु’म कोचिंग जाती रही।  दिल’शाद बटते है कि साल 2016 में जबअंजुम ने PCS-J का एग्ज’म दि’या तो वह इतनी ज्यादा कॉ’न्फिडेंस थी उसने इस बात को पहले ही बता दिया था कि उसका रिजल्ट अच्छा होने वाला ह। जब साल 2017 में इसक रिजल्ट आया तो अंजुम सलेक्ट भी हो गई।  उसने अपने जज्बे और मेहनत के दम पर डीएम में इस मुका’म को हासिल भी किया। अंजुम के भाई ने कभी भी अपने पिता को कमी को अंजु’म के सामने महसू’स भी नही होने दिया।

अंजुम के भाई दिलशाद बताते है कि कई लोगो ने उनसे यह भी कहा कि यहां पर दंगे हो रहे है अंजुम जहां पर जाती है वह सब हिन्दू टीचर हैं, जो बेहद अच्छे हैं और इसकी वजह से अंजु’म कोचिंग जाती रही।

दिल’शाद बटते है कि साल 2016 में जबअंजुम ने PCS-J का एग्ज’म दि’या तो वह इतनी ज्यादा कॉ’न्फिडेंस थी उसने इस बात को पहले ही बता दिया था कि उसका रिजल्ट अच्छा होने वाला ह। जब साल 2017 में इसक रिजल्ट आया तो अंजुम सलेक्ट भी हो गई।

उसने अपने जज्बे और मेहनत के दम पर डीएम में इस मुका’म को हासिल भी किया। अंजुम के भाई ने कभी भी अपने पिता को कमी को अंजु’म के सामने महसू’स भी नही होने दिया।

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