कानपुर : असरार अहमद को पीटकर “जय श्री राम” बुलवाने वालों में तीन होगये रिहा।

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उत्‍तरप्रदेश के कानपुर स्थित रामगोपाल चौराहे से कुछ दूर वरुण विहार के रहने वाले एक मुस्लिम युवक को पीटते हुए ‘जयश्री राम’ के नारे लगवाए जाने का मामला सामने आया है।

पुलिस ने कहा कि तीन मुजरिम होगये रिहा

पुलिस ने शुक्रवार को कहा कि विश्व हिंदू परिषद से जुड़े एक व्यक्ति सहित छह लोगों को यहां एक मुस्लिम ई-रिक्शा चालक की कथित तौर पर पिटाई करने और “जय श्री राम” का नारा लगाने के लिए गिरफ्तार किया गया था। गुरुवार रात गिरफ्तार तीन लोगों को पुलिस ने जमानत पर रिहा कर दिया। शुक्रवार को गिरफ्तार किए गए अन्य तीन अभी भी पुलिस हिरासत में हैं।

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धार्मिक कट्टरता पर हो रही हैं हदें पार

नारे लगवाने के बाद सड़क पर उसका जुलूस निकाला गया। इस दौरान पीटे रहे युवक की मासूम बेटी अपने पिता से लिपटकर छोड़ देने की गुहार लगाती रही, लेकिन कट्टर धार्मिक सनक के आगे उसकी एक न चली।

दरअसल, कानपुर से कल एक वीडियो खूब वायरल हुआ। थोड़ी ही देर में सोशल मीडिया के तमाम सेलिब्रिटीयों ने वीडियो डालना शुरू कर दिया।

देखते ही देखते शहर के माहौल में तपिश बढ़नी शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि एक बस्‍ती में दो पड़ोसी कुरैशा और रानी के परिवार में मोटरसायकिल के मसले को लेकर झगड़ा शुरू हुआ था।

इसमें कुरैशा ने रानी पर मारपीट की एफआईआर की तो वहीं रानी ने कुरैशा के लड़कों पर छेड़खानी का आरोप लगाया।

इस सब के बाद मामले में बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ता कूद पड़े, जिसके चलते यहां देर रात तक प्रदर्शनबाजी का दौर चला। गुरुवार 12 अगस्त की देर रात बजरंग दल वालों ने डीसीपी साउथ रवीना त्यागी के आफिस के बाहर प्रदर्शन करते हुए हनुमान चालीसा भी पढ़ी, ऐसा बताया जा रहा है।

यहां खास बात यह है कि पीटने वाले अफसर पर न कोई आरोप है और न ही उसके खिलाफ कोई एफआईआर ही दर्ज है।

 

तीन हिंसक आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया

 

कमिश्नर कानपुर असीम अरुण ने इस मामले को लेकर जानकारी दी है कि, घटना के 3 मुख्य आरोपी राजेश बैंड वाला, अमन गुप्ता और राहुल कुमार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। बाकी अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए दबिशें दी जा रही हैं।

बजरंग दल के कुछ लोग कुरैशा बेगम के घर उनके बेटों को पकड़ने गए थे, उनके बेटे नहीं मिले लेकिन सड़क पर उनका देवर हाथ लग गया तो उसके साथ ही मारपीट की गई।

इस पिटाई के दौरान पिटने वाले मुस्लिम युवक की बेटी लगातार पिता से लिपटकर रोती रही, उसे छोड़ देने की भीख मांगती रही।

बताया जा रहा है कि घटना से कुछ देर पहले बजरंग दल ने वहां पर एक सभा भी की थी।

कानपुर बजरंग दल के जिला संयोजक दिलीप सिंह बजरंगी कहते हैं, ‘हम हिंदू समाज को आहत नहीं होने देंगे। हम अपने सनातन धर्म को बचाने के लिए स्‍वयं सक्षम हैं।

अगर हमारा हिंदू परिवार किसी भी प्रकार से परेशान रहेगा तो हम उसके लिए ढाल बनकर खड़े हैं।

पुलिस दोनों पक्षों की एफआईआर दर्ज कर जांच कर रही थी तभी मुहल्ले के कुछ लोगों के कहने पर रानी ने बजरंग दल के लोगों से मुलाकात की, जिसके बाद बस्‍ती में प्रदर्शन और बवाल हुआ।

 

पीड़ित परिवार से लोगों को दूर रख रही है पुलिस

 

मुस्लिम पक्ष की कुरैशा का कहना है कि रानी के दरवाजे पर बाइक लड़ने से शुरू हुए झगड़े को सांप्रदायिक रंग दिया जा रहा है।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अफसार की जान बचाई और उसकी तरफ से मिली तहरीर पर कुछ लोगों के खिलाफ मारपीट की एफआईआर की गई है।

डीसीपी कानपुर साउथ, रवीना त्‍यागी ने कहा कि, ‘पीड़ित पक्ष से मिली तहरीर के आधार पर कुछ नामजद और कुछ अज्ञात व्‍यक्तियों के खिलाफ मुकदमा कायम कर लिया गया है। पुलिस द्वारा मामले में कार्रवाई की जा रही है।’

मौके की नजाकत को देखते हुए वरुण विहार से लगाकर रामगोपाल चौराहे तक सख्ती बढ़ा दी गई है। पुलिस बल के साथ यहां पीएसी का पहरा बिठा दिया गया है।

किसी को पीड़ितों से बात करने या मिलने की इजाजत नहीं दी जा रही है। जनज्वार संवाददाता ने मौके पर जाकर लोगों से बात करने का प्रयास किया लेकिन रोक दिया गया।

यहां बैठे पुलिस बल ने किसी आलाधिकारी से इजाजत लेने की बात कही। जनज्वार की तरफ से आलाधिकारियों को फ़ोन किया गया, पर सुबह के वक्त किसी अधिकारी का फ़ोन रिसीव नहीं हुआ।

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