ओवैसी को इस डिप्टी इंजीनियर ने बताया पूर्व जन्म का दोस्त…वायरल हुआ मामला। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

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मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में रविवार को छुट्टी पाने के लिए जनपद पंचायत सुसनेर में मनरेगा के अंतर्गत पदस्थ एक इंजीनियर ने अजीबो गरीब पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा कि उन्हें अपने पिछले जन्म का आभास हुआ है, जिसमें असदुद्दीन ओवैसी उनके पिछले जन्म के सखा नकुल थे। इंजीनियर पत्र में यहीं नहीं रुके उन्होंने पिछले जन्म में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को शकुनी मामा तक लिख दिया।

ये अजीब पत्र ऑफिशियल ग्रुप में डाला गया

यह पत्र जनपद पंचायत के ऑफिशियल ग्रुप में इंजीनियर ने डाला है, जिसका जवाब भी जनपद सीईओ ने उन्हीं की भाषा मे देते हुए रविवार को कार्यालय में उपस्थित रहकर कार्य करने का आदेश दे दिया। व्हॉट्सऐप ग्रुप की चैटिंग अब वायरल हुई है जो चर्चा का विषय बन रही है।

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पत्र बन गया बवाल का हिस्सा

सुसनेर जनपद में पदस्थ उपयंत्री राजकुमार यादव का लिखा पत्र चर्चा का विषय बना हुआ है।

उपयंत्री ने अपने पत्र में लिखा कि रविवार को वे जनपद के किसी भी कार्य मे उपस्थित नहीं हो पाएंगे।

क्योंकि उन्हें कुछ दिनों पहले आभास हुआ है की आत्मा अमर होती है, साथ ही उन्हें पिछले जन्म का आभास हुआ है।

इसलिए अपने जीवन को जानने के लिए गीता पाठ करना चाहता हूं। साथ ही अपने अंदर के अहंकार को मिटाने के लिए घर-घर जाकर भीख मांगूगा।

चूंकि यह उनकी आत्मा का सवाल है इसलिए उन्हें रविवार का अवकाश दिया जाए।

जनपद पंचायत सुसनेर के ऑफिसियल ग्रुप में पत्र डलने के बाद जनपद पंचायत के सीईओ पराग पंथी ने भी इंजीनियर की भाषा में ही उसका जवाब भी लिख दिया।

उन्होंने लिखा कि प्रिय उपयंत्री, आप अपना अहंकार मिटाना चाहते हैं यह बहुत प्रसन्नता का विषय है।

अहंकार पर दिया ऐसा बयान

इसमें हमारा अकिंचन सहयोग भी साधक हो सकता है यह विचार ही मन में हर्ष उतपन्न करता है। व्यक्ति प्रायः अहंकार से वशीभूत होकर यह सोचता है कि वह अपने रविवार को अपनी इच्छा से बिता सकता है।

इस अहंकार को इसके बीजरूप में नष्ट करना आपकी उन्नति के लिए अपरिहार्य है। अतः आपकी आत्मिक उन्नति की अभिलाषा को दृष्टिगत रखते हुए आपको आदेशित किया जाता है कि आप प्रत्येक रविवार कार्यालय में उपस्थित रहकर कार्य करें जिससे रविवार को अवकाश मनाने के आपके अहंकार का नाश हो सके।

जनपद पंचायत सुसनेर के ऑफिशियल ग्रुप में अधिकारी और इंजीनियर के पत्रों की अब जमकर चर्चा हो रही है।

अजीबो गरीब पत्र देने के बाद अब इंजीनियर को छुट्टी तो नहीं मिली बल्कि हर रविवार को कार्यालय पहुंचकर काम करने का आदेश मिल गया है।

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