Punjab Land Record : ये जानकारियां आपको आपकी ज़मीन बचाने में मदद करेगी!

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Punjab Land Record

Punjab Land Record: पंजाब सरकार द्वारा स्थापित एक बेहद महत्वपूर्ण सोसाइटी है जिसका नाम है पंजाब लैंड रिकॉर्ड सोसाइटी।
इसे शार्ट में PLRS भी कहते हैं।
और इसका फुलफोर्म (full form help) है Punjab Land Record Society.

इसका काम मूलरूप से भू-राजस्व और भूमि अभिलेखों से संबंधित सार्वजनिक मामलों में नीतियों और रणनीतियों को तैयार करना है।

पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत इस इससे संबंधित इस इकाई की शुरुआत की गई थी।
पंजाब जमाबंदी के मुख्य कामकाज को समझें टी ये मूलरूप से पंजाब की भूमि अभिलेखों और संबंधित दस्तावेजों की ट्रैकिंग,
निगरानी कम्प्यूटरीकरण और निरीक्षण के कार्यों पर केंद्रित है।

जमाबंदी क्या होता हैं? What is Jamabandi?

भारत के कुछ राज्य जैसे पंजाब, बिहार, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान में “जमाबंदी” भूमि अभिलेखों के संबंध में इस्तेमाल किया जाने वाला एक देसी बोलचाल वाला शब्द है।
अब मूलरूप से पीएलआरएस (PLRS) का काम जमाबंदी के ऑनलाइन और ऑफलाइन दस्तावेज रखने का है।

फर्ड किसे कहते हैं? What is FARD? Punjab Land Record

एक संपत्ति से जुड़े दस्तावेज़ को उनकी मालिकाना अधिकारों के आधार पर विभिन्न नामों से जाना जाता है।

एक घर खरीदार के पास मालिकाना दावे के प्रमाण के रूप में एक बिक्री विलेख होगा या यूं कहें कि एक रसीद होगी,
और वहीं एक जमींदार के पास जमाबंदी दस्तावेज होंगे।

और इन सारे तरह के दस्तावेजों को मिलाकर सामुहिक रूप से “फर्ड” दस्तावेजों के रूप में संबोधित किया जाता है।

जब भी आप चाहें तो मालिक के नाम, खेवत नंबर, खेसरा नंबर और खतौमी नम्बर का प्रयोग करके जमीन के रिकॉर्ड की जांच कर सकते हैं।

इसकी मदद से आप ही नहीं, आप तो भूमि अभिलेखों के साथ म्यूटेशन, म्यूटेशन आफ्टर रजिस्ट्री, रोज़नामचा और एकीकृत संपत्ति की सम्पूर्ण जानकारी भी देख सकते हैं।

अगर पंजाब जमाबंदी भूमि अभिलेख की जानकरी को ऑनलाइन खुद से देखना चाहते हैं तो निम्न स्टेप्स का पालन करें:

(Know Punjab Jamabandi – Check Punjab Land Record Online)

  1. पंजाब भूमि रिकॉर्ड पोर्टल पर जाने के बाद ‘फर्ड (Fard)’ पर क्लिक करें।
    Link:- (http://plrs.org.in/)
  2. उसके बाद आने वाले पेज पर, मांगी जा रही जानकारियां भरें, जैसे – जिला, तहसील, गांव और वर्ष।
    ‘सेट रीजन (Set Region)’ पर क्लिक करें।
  3. अगले पेज पर आने वाले विकल्प दिखेंगे जैसे – जमाबंदी (Jamabandi) , उत्परिवर्तन (Mutation), रोज़नामचा (Roznama), रजिस्ट्री के बाद उत्परिवर्तन (Mutation after Registry), और एकीकृत संपत्ति (Integrated Property)।
    इन दिए गए विकल्पों में आप को ‘जमाबंदी (Jamabandi)’ चुनना है।
  4. इस पोर्टल के माध्यम से जमाबंदी (Jamabandi) की जांच मालिक के नाम, खेवत नंबर, खसरा नंबर और खतौमी नंबर के आधार पर ही की जाती है।

अपनी जानकारी लेने के संबंध में आपको उपयुक्त विकल्प चुनना है, तथा जानकारी की जांच के लिए रिपोर्ट देखें पर क्लिक करें। क्लिक-ऑन-व्यू-रिपोर्ट (Cick on View Report)

पीएलआरएस (PLRS) की वेबसाइट पर लैंड रेकॉर्ड को कैसे दुरुस्त करें, जानिए विस्तार से। Correct Land Record on PLRS website.

भूमि रेकॉर्ड को दुरुस्त करना अब हुआ बेहद आसान, नीचे दिए गए Steps का पालन करें!

Step 1. PLRS, पंजाब भूमि रिकॉर्ड पोर्टल पर जाएं। (http://plrs.org.in/)।
और उसके बाद “FARD” पर क्लिक करें।

Step 2: उसके बाद अगले पेज पर, आवश्यक विवरण जैसे जिला, तहसील, गांव और वर्ष दर्ज करें।
‘सेट रीजन (Set Region)’ पर क्लिक करें।

Step 3: फिर अगले पेज पर, नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल-आईडी, जिला, तहसील, गांव, के बारे में और प्रतिक्रिया जैसे आवश्यक जानकारियां दर्ज करें। उसके बाद ‘सबमिट करें (Submit)’ पर क्लिक करें।

Punjab Land Record पोर्टल के पंजाब भूमि अभिलेख के लाभ और विशेषताएं

  • कोई भी जो पंजाब के निवासी हैं अपने भूमि अभिलेखों से संबंधित सभी सूचनाओं को पंजाब भूमि अभिलेखों के माध्यम से ऑनलाइन जांच कर सकेंगे।
  • अब बड़ी आसानी से भूमि रिकॉर्ड देखने और इसे ऑनलाइन परखने और जांचने के लिए पंजाब के निवासियों को किसी भी सरकारी कार्यालय में जाने की आवश्यकता अब तो नहीं है।
  • ये पोर्टल अब धीरे धीरे सारे लैंड रेकॉर्ड को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए बेहद उपयोगी और सक्षम माध्यम बन रहा है।
  • अब इस पोर्टल का उपयोग किसी भी भूमि रिकॉर्ड में जायज परिवर्तन करने के लिए भी किया जा सकता है।
  • इस पोर्टल के माध्यम से आप अदालती मामलों की बारीकियों तक पहुंचने के लिए भी सक्षम हो सकेंगे।

पीएलआरएस कलेक्टर दरों को कैसे सत्यापित करने की प्रक्रिया । Verification of PLRS Collector Rates.

पीएलआरएस (Punjab Land Record Society) वेबसाइट का इस्तेमाल करके आप अगर खरीदार हैं तो अपने क्षेत्र में कलेक्टर दरों (Collector Rates) को देखने के लिए भी कर सकते हैं।

इस काम को।अंजाम देने के लिए, मुख्य वेबसाइट पर जाएं उसके बाद ‘कलेक्टर रेट (Collector Rate)’ विकल्प पर क्लिक करें।
जिस शहर का आप कलेक्टर रेट जानना चाहते हैं, उसका नाम दर्ज करें।

नाकल का सत्यापन (Verification of Nakal)

नकल सत्यापन (Verification of Nakal) अब बड़ी आसानी से नीचे दिए गए तरीकों से कर सकते हैं :

  1. सबसे पहले आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और Nakal Verification पर क्लिक करें।
  2. इसके बाद आने वाले पेज पर आपको अपने जिले, तहसील और तारीखों जैसी कुछ बुनियादी जानकारी भरनी होगी।
  3. सारी जानकारियों को ध्यान से सही सही भरने के बाद आपको आपको Verify Nakal विकल्प पर क्लिक करना है।

भूकर मानचित्र की जांच (Cadastral Map Examining)

भूकर मानचित्र (Cadastral Map) की जांच भी अब नीचे दिए गए चरणों का पालन करके आसानी से किया जा सकता है:

  1. इस के लिए सबसे पहले आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और कैडस्ट्राल मैप (Cadastral Map) वाले ऑप्शन पर क्लिक करें।
  2. इसके बाद आपके सामने जो अगला पेज खुलेगा उसमें आपको कुछ बुनियादी जानकारी भरने के लिए कहा जाएगा,
    जैसे आपका नाम, पता और फोन नंबर।
  3. जिला, तहसील, गांव और साल को क्लिक करके सेलेक्ट का ऑप्शन है, इन्हें दर्ज करने की आवश्यकता नहीं है।
  4. बाएं साइड के मेनू बार (Menu Bar) पर क्लिक करने के बाद कैडस्ट्राल मैप का ऑप्शन चुनें।
    उसके बाद मांगे जा रहे विवरण को जमा कर दें। आपका मैप वाला काम होजायेगा।

लैंड के उत्परिवर्तन की स्थिति की जांच (Check Status of Mutations)

  1. पहले चरण में आपको आधिकारिक पंजाब भूमि रिकॉर्ड वेबसाइट पर जाना है।
    आपको होम पेज से डैशबोर्ड-म्यूटेशन स्टेटस पर क्लिक करना होगा।
  2. इसके बाद आपको अपना जिला चुनना होगा।
  3. आप जिला परिवर्तन के जिला का चुनाव करते ही आपकी जिला उत्परिवर्तन स्थिति आपके कंप्यूटर स्क्रीन पर आजायेगी।

रजिस्ट्री के बाद उत्परिवर्तन रजिस्ट्री (Mutation After Registry)

इस जानकारी को प्राप्त करने के बाद उत्परिवर्तन (Mutation) की जाँच करने के लिए आपको नीचे दिए गए स्टेप का पालन करना है।

  1. इसके लिए पहले आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  2. वेबसाइट पर जाते ही पहले पेज पर ही आपसे कुछ जानकारियां दर्ज करने के लिए कहा जायेगा,
    जैसे आपका नाम, पता और फोन नंबर।
  3. उसके बाद वाले चरण में आपको जिला, तहसील, गांव और वर्ष पर क्लिक करके विशिष्ट क्षेत्र विवरण दर्ज करना चाहिए।
  4. इन सबको दर्ज करके आप को बाएं मेनू बार (Left Menu Bar) पर, रजिस्ट्री के बाद उत्परिवर्तन (Mutation after Registry) का विकल्प चुनें।
    क्लिक करने के बाद कुछ विकल्प आएंगे, जिसमें वसीका का फोन नंबर, लेन-देन की संख्या Number of Transaction) और उत्परिवर्तन अनुरोधों की संख्या (No. of Mutation Request) शामिल हैं।
  5. आप इस पर क्लिक करने के बाद अपनी पसंद का चुनाव करें।
  6. और उसके बाद सारे मांगे गए विवरण भरें और, ड्रॉप-डाउन मेनू (Drop Down Menu) पर क्लिक करके रिपोर्ट देखें।

Punjab Land Record की कुछ महत्वपूर्ण घटनाएं:

2016 में जब पंजाब लैंड रिकार्ड को कंप्यूटरीकृत करते वक्त जमाबंदी के कॉलम 12 से घटाकर नौ करने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव, वित्त आयुक्त (राजस्व) और लैंड रिकॉर्ड विभाग के निदेशक को नोटिस जारी कर कोर्ट ने कड़े निर्देशों के साथ जवाब तलब किया था।

दरअसल जिन कॉलोमों को खत्म किया गया उन से क्षेत्राधिकार, कोर्ट फीस और अन्य कई महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी मिलती है।

हाईकोर्ट ने अपनी बात रखी थी कि यह कालम अति महत्वपूर्ण हैं।
इनके जमाबंदी के रिकॉर्ड से निकाले जाने के कारण मालिक और किराएदार के अधिकार सब पता चलते हैं।
आज आपको जो कॉलम उपलब्ध हैं, उनके ये हैं कारण।

ऑनलाइन रजिस्ट्री का इतिहास: Punjab Land Record

पंजाब में जमीनों की खरीद-फरोख्त में ठगी और धोखाधड़ी रोकने के लिए पंजाब सरकार ने 2017 में एक बड़ा फैसला लिया।
अब सूबे में जमीन की रजिस्ट्री ऑनलाइन होगी।
प्रदेश में सबसे पहले मोगा और आदमपुर (जालंधर) सब डिवीजन से 10 नवंबर को ट्रायल बेस पर इसकी शुरुआत होगी।
इसके बाद इसे 15 नवंबर से पूरे राज्य में लागू कर दिया जाएगा।

अब आधिकारिक विभाग की वेबसाइट पर रजिस्ट्री का प्रोफार्मा (फार्मेट) उपलब्ध होगा।
इसमें जमीन का सारा रिकॉर्ड मौजूद होगा। 2017 में सरकार का लाया ये फैसला रजिस्ट्रेशन के काम में पारदर्शिता लाने के लिए यह एक बेहतर प्रोजेक्ट है व इससे जालसाजी रुकेगी।

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