15 साल के इस लड़के ने दुनिया को कर दिया हैरान। जज ने ऐसा फैसला सुनाया की सब फूटफूटकर रोने लगे!

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फ्लोरिडा अमेरिका में एक लड़के ने अदालत में जज के साथ ऐसी बहस की कि इस घटना को इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। चोरी करते हुए पकड़ा गया ये नन्हा बालक आखिर ऐसा क्या कह गया!

दरअसल एक पंद्रह साल का लड़का स्टोर से चोरी करता हुआ पकड़ा गया, गार्ड की गिरफ्त से भागने की कोशिश में उससे स्टोर का एक शेल्फ भी टूट गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार करके न्यायालय में पेश किया।

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जज ने जुर्म सुना और लड़के से पूछा

तुमने क्या सचमुच कुछ चुराया था..??

ब्रैड और पनीर का पैकेट लड़के ने नीचे नज़रें कर के जवाब दिया।

जज:- क्यों ?

लड़का:- मुझे ज़रूरत थी

खरीद लेते :– जज

पैसे नहीं थे :– लड़का

जज:- घर वालों से ले लेते।

लड़का:- घर में सिर्फ मां है बीमार और बेरोज़गार है, ब्रैड और पनीर भी उसी के लिए चुराई थी।

जज:- तुम कुछ काम नहीं करते ?

लड़का:- करता था एक कार वाश में, मां की देखभाल के लिए एक दिन की छुट्टी की थी। तो मुझे निकाल दिया गया।

जज:- तुम किसी से मदद मांग लेते।

लड़का:- सुबह से घर से निकला था तकरीबन पचास लोगों के पास गया बिल्कुल आख़री में ये क़दम उठाया।

जिरह ख़त्म हुई जज ने फैसला सुनाना शुरू किया :-

चोरी और ख़ुसूसन ब्रैड की चोरी बोहोत होल्नाक जुर्म है और इस जुर्म के हम सब ज़िम्मेदार हैं।

अदालत में मौजूद हर शख़्स मुझ समेत हम सब मुजरिम हैं इसलिए यहाँ मौजूद हर शख़्स पर दस-दस डालर का जुर्माना लगाया जाता है, दस डालर दिए बग़ैर कोई भी यंहा से बाहर नहीं निकल सकेगा।

ये कह कर जज ने दस डालर अपनी जेब से बाहर निकाल कर रख दिए और फिर पेन उठाया लिखना शुरू किया:-

इसके अलावा में स्टोर पर एक हज़ार डालर का जुर्माना करता हूं कि उसने एक भूखे बच्चे से ग़ैर इंसानी सुलूक करते हुए पुलिस के हवाले करा।

अगर चौबीस घंटे में जुर्माना जमा नहीं करा तो कोर्ट स्टोर सील करने का हुक्म दे देगी।

जुर्माना की पूर्ण राशि इस लड़के को देकर कोर्ट ने उस लड़के से माफी तलब करती है।

फैसला सुनने के बाद कोर्ट में मौजूद लोगों के आंखों से आंसू तो बरस ही रहे थे, उस लड़के के भी हिचकीया बंध गई। वो लड़का बार बार जज को देख रहा था जो अपने आंसू छिपाते हुए बाहर निकल गया।

क्या हमारे देश में आज तक ऐसा कोई निर्णय हुआ है। ऐसे संवेदनशील और ईमानदार न्यायिक चरित्रवान जज की बेहद कमी है।

शायद इसीलिये हमारे देश में तो 20-20 और 25-25 वर्ष पश्चात जब कोई इन्सान बेकसूर सिद्ध होता है तो भी उसको सिर्फ और सिर्फ माननीय न्यायालय बाइज्जत बरी करने का उपकार कर देते है!

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